ये राष्ट्रवाद नहीं आसान…बस इतने समझ लीजे।

 

न कोई रैंक, न कोई पेंशन

न 2 साल से कोई direct भर्ती 

न 4 साल के बाद स्थिर भविष्य 
 
न सरकार का सेना के प्रति सम्मान 

देश के बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ सुनिए, इन्हे 'अग्निपथ' पर चला कर इनके संयम की 'अग्निपरीक्षा' मत लीजिए, प्रधानमंत्री जी।

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